राजीव राय पर हुये मुकदमे से सपा नाराज






मऊ। समाजवादी पार्टी कार्यालय पर शनिवार को मासिक बैठक का आयोजन जिलाध्यक्ष श्री धर्मप्रकाश यादव की अध्यक्षता में हुई। बैठक में किसानों की समस्या को लेकर सरकार के तानाशाही रवैये पर चिंता प्रकट किया गया। साथ ही किसानों के समर्थन में अपना हर प्रकार का योगदान देने का संकल्प लिया गया। 7 दिसंबर से किसान आंदोलन के समर्थन में पद यात्रा निकालकर गांवों में किसानों से मिलकर उन्हें सरकार के जनविरोधी नीतियों से अवगत कराने का निर्णय लिया गया। जिला प्रशासन को  भी चेताया गया कि अगर किसानों का धान नहीं खरीदा गया तो समाजवादी पार्टी के लोग क्रय केंद्रों पर भी धरना प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे। सपा के राष्ट्रीय सचिव व राष्ट्रीय मीडिया प्रवक्ता राजीव राय पर सत्ता के इशारे पर मुकदमा दर्ज कराने की मंशा की भी घोर निंदा की गई। वक्ताओं ने कहाकि सपा नेताओं के उत्पीड़न करने और उन्हें डराने की मंशा पर  जिला प्रशासन ने रोक नहीं लगाई तो जेल भरो आंदोलन से भी सपा कार्यकर्ता  पीछे हटने वाले नहीं हैं। इसकी पूरी जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी। 
बैठक को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष धर्मप्रकाश यादव ने कहाकि आज केंद्र और प्रदेश में चल रही डबल इंजन की सरकार किसानों को दोगुनी आय का प्रलोभन देकर आज उसके उलट उनकी आय आधी करने पर तुली हुई है। बिजली, खाद, डीजल, कीटनाशक आदि के मूल्यों में बेतहाशा वृद्धि कर जहां खेती को महंगा किया है वहीं उनकी फसल का उचित मूल्य न देकर पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने के लिए किसानों को उनकी फसल औने पौने दाम पर बेचने को विवश किया जा रहा है। कहाकि आज किसान नए कानून को लेकर भविष्य के प्रति चिंतित है। किसान सड़कों पर पुलिस की लाठियां खा रहा है। सत्ता से जुड़े लोग अन्नदाताओं को खालिस्तान और आतंकवादियों से जोड़ कर उन्हें अपमानित कर रहे हैं। यह अब तक की सबसे निकम्मी सरकार साबित हुई है। क्यों कि दशकों से किसान सड़क पर उतर कर लाठी खाने को बाध्य नहीं हुआ था। मुख्य वक्ता एमएलसी लीलावती कुशवाहा ने कहाकि आज किसान असंगठित होने के चलते हर स्थानों पर खून के आंसू रो रहे हैं। जहाँ के किसान संगठित हैं उनका हौसला बढ़ाना चाहिए। असंगठित क्षेत्र के किसानों को उनके अधिकार और फसल का उचित मूल्य दिलाने के लिए हर वर्ग के लोगों को किसानों के समर्थन में आगे आना चाहिए। कहाकि सरकार की कोरोना के नाम पर कलई खुल गई है। देश को, किसानों को, ब्यापारियों को बर्बाद करने के लिए और देश की संपत्ति को पूंजीपतियों का सहारा लेकर लूटने के लिए कोरोना से लोगों को डराया जा रहा है। ईसका अब आम आदमी विरोध करने पर उतारू हो चुका है। सरकार खुद कोरोना जैसी महामारी को मजाक बनाकर अपनी सियासत की रोटी सेंक रही है। सरकार के कोरोना पर गलत निर्णय से देश के कामगार, मजदूर, किसान, ब्यापारी सब परेशान हो चुके हैं। सरकार एक बार फिर किसानों के विरोध को देखते हुए कोरोना का हौव्वा खड़ा करना चाहती है लेकिन अब लोग जागरूक हो चुके हैं। बैठक में मुख्य रूप से राष्ट्रीय सचिव रामहरि चौहान, पूर्व विधायक बैजनाथ पासवान, जिला महासचिव अब्दुल कुद्दूस अंसारी, दिनेश उर्फ गुड्डू चौधरी, सीताराम कुशवाहा, रामसमुझ पटेल, रमेश दुबे, रामधनी यादव,विधानसभा अध्यक्ष राम प्रकाश यादव बबलू, अमान अहमद, चन्द्र कान्त मौर्य,लालधर यादव, रामधनी चौहान, राजेन्द्र यादव, वीरेंद्र चौहान,अशोक कुमार गोतम, रविन्द्र खरवार,ज़हीर सेराज, बन्ने खां, हरेंद्र सरोज, दिलीप पांडे, गौरव पांडे, जय प्रकाश यादव, शहनवाज आलम, अखिलेश यादव,आरती साहनीयोगेंद्र यादव, मुख्तार हुसैन,अखंड पांडे, विनोद यादव, महेंद्र चौहान, अशोक यादव काका, मन्नू राम आदि उपस्थित रहे हैं।



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