पति ने पत्नी सहित दो पुरोहित को मारी गोली, तीनों की मौत





 

 आजमगढ़ : शंभूपुर गहजी गांव में मंगलवार की शाम पूजा-पाठ के दौरान विवाद में पति ने अपनी पत्नी और पूजा करा रहे दो पुरोहितों की गोली मारकर हत्या कर दी। तीन लोगों की हत्या के बाद आरोपित अपने आठ वर्षीय पुत्र शौर्य, नौ वर्षीय पुत्री परी और छह माह की बच्ची को लेकर मकान के एक कमरे में बंद हो गया। सूचना पर डीआइजी सुनील कुमार, एसएसपी डा. अनिल कुमार समेत छह थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और मकान को चारों तरफ से घेर लिया। देर शाम तक पुलिस आरोपित से दरवाजा खुलवाने का प्रयास करती रही। बच्चों के कमरे में होने के कारण पुलिस बेहद सतर्कता से कार्रवाई कर रही थी।
स्थानीय लोगों के बताया कि, शंभूपुर गहजी निवासी अरविंद सिंह की मां शमला देवी और पत्नी बबीता घर में शांति के लिए पूजा कराना चाह रही थीं। अरविंद इसका विरोध कर रहा था। इसे लेकर कई दिनों से घर में विवाद चल रहा था। इसी बीच अरविंद किसी काम से बाहर चला गया। मौका देखकर पत्नी ने घर में पांच दिवसीय पूजा शुरू करा दी। मंगलवार को पूजा का चौथा दिन था, इसी दौरान 
शाम करीब छह बजे अरविंद वापस घर लौट आया। पूजा-पाठ होते देखकर वह भड़क गया और पूजा करा रहे 60 वर्षीय महेंद्र पाठक, 50 वर्षीय अखिलेश मिश्रा और उनके 20 वर्षीय पुत्र हिमांशु मिश्रा को गालियां देने लगा। पत्नी बबीता और मां शमला देवी ने उसे समझाने का प्रयास किया। अरविंद ने पुरोहितों को ढोंगी बताते हुए आधार कार्ड मांगने लगा, पुरोहित इसका विरोध करते हुए अरविंद को भला बुरा कहने लगे। आरोप है कि इसके बाद अरविंद पत्नी से मारपीट करने लगा। इस दौरान पूजा करा रहे पुरोहितों ने मोबाइल से इसका वीडियो बनाना शुरू कर दिया।
मोबाइल से वीडियो बनाते देखकर अरविंद घर में रखी लाइसेंसी रिवाल्वर निकाल लाया। उसने पहले पत्नी बबीता को गोली मारी। इसके बाद महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा को भी गोली मार दी। अरविंद किसी और पर गोली चलाता, इससे पहले हिमांशु शोर मचाते हुए घर से बाहर भाग निकला। पूजा में बैठी उसकी 22 वर्षीय भतीजी वर्षा सिंह, 17 वर्षीय रिया और मां शमला देवी भी मौका पाकर बाहर निकल गईं। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर जुटने लगे। इसके बाद अरविंद अपने बच्चों को लेकर एक कमरे में चला गया और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मकान की घेराबंदी कर दी। देर शाम तक आरोपित बच्चों के साथ कमरे के अंदर था और पुलिस उसे बाहर निकालने का प्रयास कर रही थी। बच्चों के कमरे में होने के कारण पुलिस अधिकारी बेहद सावधानी से कार्रवाई कर रहे थे।



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