Home / बुन्देलखण्ड / उत्तर प्रदेश / झांसी / वीआईपी रेलवे सैलून का उपयोग क्यों और कैसे

वीआईपी रेलवे सैलून का उपयोग क्यों और कैसे

झाँसी – रेलवे मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ आलोक श्रीवास्तव का ट्रान्सफर 30 अक्टूबर 2017 को पश्चिम रेलवे मे हो गया था।

रेलवे सीएमएस डॉ आलोक श्रीवास्तव 7-8 नवम्बर 2017 को इलाहाबाद चीफ मेडिकल डायरेक्टर डॉ राजीव कपूर से अपना स्थानांतरण रदद् कराने के सम्बंध में मिलने गए थे।सीएमडी ने उन लगे गम्भीर आरोप के चलते बात करने से मना कर दिया।ज्ञात रहे डॉ आलोक श्रीवास्तव पर रेल ड्राईवर को मिर्गी दौरा इत्यादि दिखा कर  अनफिट करके क्लेरिकल जाब मे लगवाने पर् लाखो रुपये घुस लेने का आरोप है
जिसकी सीबीआई जांच जारी है

सवाल इस बात का है कि VIP सैलून(अलग से स्पेशल बोगी) से डॉ आलोक अपने साथ हेल्थ इंस्पेक्टर संज्ञा, खलासी मलेरिया सन्तोष,खलासी मलेरिया परवेज सी एन्ड डब्लू के दो कर्मचारी लेकर इलाहाबाद गए।
लावश्कर लेकर जाने की क्या जरूरत थी।
सैलून का उपयोग किस के आदेश से किया गया।

इस सम्बंध मे रेलवे पीआरओ मनोज सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत काम के लिए सैलून का उपयोग कोई भी अधिकारी नही कर सकता।

About timesamachar

Check Also

यहां चला अतिक्रमण पर सयुक्त डंडा

समथर (झांसी):- शासन प्रशासन की दिशा निर्देश के तहत कस्बा समथर के बाजार वाले हिस्से …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *