Home / Uncategorized / श्री मद भागवत कथा का सातवां दिन हुई कृष्ण और सुदामा का वर्णन : रिपोर्ट- यशपाल सिंह

श्री मद भागवत कथा का सातवां दिन हुई कृष्ण और सुदामा का वर्णन : रिपोर्ट- यशपाल सिंह

समथर(झांसी)-मोठ तहसील के ग्राम लोहागढ़ में चल रही श्रीमद भागवत कथा के अंतिम दिन रविवार की कथा में कथा व्यास पुष्पांजलि दीदी(वृन्दावन) ने सुदामा चरित्र का प्रसंग श्रोताओं को सुनाया। सुदामा चरित्र सुनकर श्रोता भावुक हो उठे। कथा व्यास श्री दीदी ने कथा सुनाते हुए कहा कि कभी भी मित्र से धोखा नहीं करना चाहिए।

मित्र के साथ छलावा करने वाले को दरिद्रता घेर लेती है। उन्होंने सुदामा जी के बारे में बताते हुए कहा श्रीकृष्ण और सुदामा जी बचपन के सखा थे एक बार गुरू की आज्ञा से दोनों मित्र जंगल में लकड़ी बीनने के लिए गए थे जहां बारिश होने पर सुदामा ने श्रीकृष्ण की चोरी छिपे दोनों के हिस्सों के चने खा लिए थे और श्रीकृष्ण जी भूखे रह गए थे। इसी झूठ कपट के कारण बाद में उन्हें दरिद्रता का शिकार होना पड़ा। एक बार सुदामा की पत्नी के कहने पर सुदामा ही अपने मित्र श्रीकृष्ण से मिलने गए जहां वे अपने साथ तीन मुठ्‌ठी चावल ले गए थे। श्रीकृष्ण ने उनकी आव भगत करके उनके पास रखे चावल खा लिए थे। जिसके बदले में उन्होने महल अन्य सुविधाएं सुदामा को दे दी। जब वे वापस लौटकर गए तो उन्होंने झोपड़ी को महल में बदला देखा और पत्नी को एक रानी की तरह पाया। इस कथा का सार यह है कि मित्र के साथ कभी कपट का व्यवहार नहीं करना चाहिए। इस मौके पर सैकड़ों की संख्या में भक्त उपस्थित रहे व भागवत कथा का आनन्द प्राप्त किया

रिपोर्ट
यशपालसिंह

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