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ओरछा में राम राजा क दर्शन के बाद ही होते है अयोध्या में रामलला के सम्पूर्ण दर्शन -मोरारी बापू

ओरछा। 23 दिसम्बर से शुरू हुई मध्यप्रदेश के ओरछा धाम में श्री सदगुरू जन्म शताब्दी महोत्सव के अंतर्गत मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम की कथा श्रीमद्जगदगुरू द्वाराचार्य मलूक पीठाधीश्वर श्रीराजेन्द्र दास देवाचार्य महाराज के द्वारा आयोजित की की गई है इस महोत्सव में देश विदेश के कई साधू सन्त और धर्माचार्य और विद्वान, पूज्य संत एवं विश्व प्रसिद्ध श्री राम कथा वाचक श्री मोरारी बापू के श्री मुख से भगवान राम की कथा का श्रवण करने के लिये रामराजा की नगरी ओरछा पधारे है ।
प्रथम दिवस श्री मोरारी बापू ने कथा का वाचन करते हुए ओरछा धाम की धार्मिक महत्ता के बारे में बताया की अयोध्या के बरावर  ही ओरछा भी एक महत्वपूर्ण धार्मिक स्थान है। जहां पर भगवान राम स्वयं राजा के रूप में दिन भर विराजमान रहते है और रात्रि में अयोध्या में निवास करते है ।ओरछा धाम की स्थापना पुष्प नक्षत्र के पुण्य समय मे की गयी थी ।कलयुग में सही मायने में भगवान राम का ओरछा में राज है। यहाँ उन्हें राजा के रूप में दिन में 8 बार सलामी मिलती है।भगवान दिन भर यहां रहकर भक्तों के कष्ट हरते है। केवल रात में विश्राम के लिये अयोध्या जाते है।ओरछा में विराजे रामराजा के दर्शन अवश्य करने चाहिए तभी भगवान राम के दर्शन का सम्पूर्ण पूण्य का लाभ मिलता है।
उन्होने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की सभी को चिन्ता है लेकिन ओरछा में तो मंदिर कब से तैयार है।लेकिन भगवान बड़े निर्माण के नही बड़े भाव के प्रेमी है।यहां भगवान अपने बनवास काल में भी रहे है। बुन्देलखण्ड की धरती भगवान राम के पदचिन्हों से भरी पड़ी है। यहां के लोगों के लिये यह सौभाग्य की बात है।
इससे पहले कथा के उद्घघाटन केे समय श्री सदगुरू जन्म शताब्दी महोत्सव के प्रारंभ दिवस पर श्रीमद् जगदगुरू द्वाराचार्य मलूक पीठाधीश्वर श्रद्धेय श्री राजेन्द्र दास देवाचार्य महाराज ने भगवान राम के ओरछा आगमन की कथा को विस्तार से बताया। कहा कि गौसेवा से सारे देव प्रसन्न रहते है। महन्त अनन्तदास महाराज, महामण्डेलश्वर संतोष दास महाराज ने दीप प्रज्वालन किया। राष्ट्रीय संत मोरारी बापू का फूलमालाओं से स्वागत किया।
इस दौरान विधायक अनिल जैन, जिला धर्माचार्य महन्त विष्णु दत्त स्वामी, नगर धर्माचार्य प. हरिओम पाठक, बसन्त गोलवलकर, आदि उपस्थित रहे।

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