Home / बुन्देलखण्ड / उत्तर प्रदेश / क्या खाद्य टीम के संरक्षण में ही बेचा जा रहा है जहर:रिपोर्ट-यशपाल सिंह

क्या खाद्य टीम के संरक्षण में ही बेचा जा रहा है जहर:रिपोर्ट-यशपाल सिंह

खाद्य टीम ने भरे सैम्पल——

समथर( झांसी) -समथर में आज किराने की दुकान पर खाद्य विभाग ने मारा छापा बताया जा रहा है कि समथर बाजार में चौपड़ बाजार के राजेश की किराने की दुकान पर छापेमार कर विभिन्न चीजों का सैम्पल भरा जाँच टीम अधिकारीयो के नाम राजेश कुमार द्विवेदी जिला खाद्य अधिकारी दीपक कुमार रविंद्र सिंह परमार के द्वारा दुकान की जाँच औऱ सैम्पल भर कार्यवाही की,

त्योहार आते ही मिलावटी खोया की तैयारी——

त्योहारों का समय नजदीक आते ही मिठाई की मांग बढ़ जाती है, इस मांग को पूरा करने के लिए नगर के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में दिन-रात काम चल रहा है, होली के ऑर्डर पूरे करने के लिए मिठाई विक्रेताओं को औसत से अधिक मावे की आवश्यकता है, इसी आवश्यकता को पूरा करने के लिए मिलावटखोरों ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है, नगर व ग्रामीण क्षेत्रों के साथ ही मिलावटी मावे का खेल शुरू हुआ है।

मिलावटी खोया से जनमानस की सेहत से खिलवाड़—-

सूत्रों के अनुसार बताया जा रहा है कि मांग पूरी करने व मुनाफे के चक्कर में लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने का काम शुरु हो गया है, मिलावट के सौदागर को सेहत की नहीं बल्कि मुनाफे की चिंता रहती है, सथेटिक मावे से बनी मिठाई जनमानस की सेहत का स्वाद खराब कर देती है, जिम्मेदार कार्रवाई के नाम पर महज औपचारिकताएं पूरी कर इतश्री मान लेते हैं, इस तरह के मावे से लोगों की जान को खतरा रहता है।

मिलावटी मावे से सेहत में यह होते है नुकसान —–

मिलावटी मावे की मिठाई खाने से पेट दर्द, डायरिया, मरोड़, पेट का भारीपन, एसीडिटी और इनडाइजेशन जैसी बीमारियां हो सकती हैं, ऐसे में हमें चाहिए कि जो भी सामान लें उसे परखकर लें, मावा को खरीदने के पहले सूंघे जरूर, यदि मावा असली है तो उसकी महक हल्की होगी, जबकि नकली मावा की महक तेज होती है।

कैसे बनता है मिलावटी मावा——-

मिलावटी मावा बनाने के लिए दूध की बजाय दूध पाउडर, रसायन,आलू,शकरकंदी,रिफाइंड तेल आदि प्रयोग किए जाते हैं, सथेटिक दूध बनाने के लिए पानी में डिटर्जेट पाउडर,तरल जैल,चिकनाहट लाने के लिए रिफाइंड व मोबिल आयल एवं एसेंट पाउडर डालकर दूध को बनाया जाता है, यूरिया का घोल व उसमें पाउडर व मोबिल डालकर भी सथेटिक दूध तैयार किया जाता है, इसमें थोड़ा असली दूध मिलाकर सोखता कागज डाला जाता है। इससे नकली मावा व पनीर भी तैयार किया जाता है।

मिलावटी मावे की पहिचान कैसे करें———–

मावे में मिलावट की पहिचान आयोडीन जांच या फिर चखकर उसके स्वाद और रंग से की जा सकती है, सामान्य तौर पर लोग आयोडीन की जांच नहीं कर पाते, लेकिन मिलावटी मावे से बचने के लिए उसे पूरी तरह जांच परख ले, मिलावटी या नकली मावे का स्वाद व रंग सामान्य से विभिन्न और कुछ खराब होता है।

सैम्पल भरने वाली टीम बनी चर्चा का बिषय—–

किराना की दुकान का सैंपल भरना बना समथर कस्बा में चर्चा का विषय कि होली के समय खोवा मावा मिलावटी की दुकानदारों की जाँच व सैंपल न भरना किसी के गले बात नहीं उतर रही है, कस्बा में चर्चा का विषय यह है, सभी कार्यों में विभाग की साठगांठ से चल रहा है, दलालों के माध्यम से होती है, दुकानदारो की जांच यहां त्योहार के समय पर कोई भी जांच नहीं होती हैं, यदि जाँच आती भी है तो खाना पूर्ति कर के चली जाती है, अब देखना होगा कि जिला के खाद्य विभाग के द्वारा ऐसे मिलावटी जहर का खेल खेलने बालों पर कोई कार्यवाही की जाती है, या फिर मिलावटी जहर का खेल ऐसा ही चलता रहेगा।

रिपोर्ट यशपाल सिंह

Edit Dherendra raikwar

About time samachar

Check Also

यहां चला अतिक्रमण पर सयुक्त डंडा

समथर (झांसी):- शासन प्रशासन की दिशा निर्देश के तहत कस्बा समथर के बाजार वाले हिस्से …

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *