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यहाँ है देश का सबसे बड़ा मेडिकल कालेज के सामने प्राईवेट नर्सिंग होम,अस्पतालों का अड्डा।TIMESAMACHAR।

झांसी – महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज बुंदेलखंड की जनता के लिए इलाज़ का एकमात्र सबसे बड़ा केंद्र  है। यही वजह है की महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के ठीक सामने मात्र 10 मीटर की दूरी पर नियमों और मानकों को ताक पर रखकर बने प्राइवेट हॉस्पिटल और नर्सिंग होम  निजी कमाई का एक बड़ा साधन बन चुके हैं। जो बुंदेलखंड की गरीब जनता का खून चूस रहे है ,जिसके कारण मेडिकल कालेज आने वाले मरीजों का सही इलाज नही होता ,और हमेशा इलाज की लचर व्यवस्था बनी रहती है , क्योकि मेडिकल कालेज में तैनात अधिकतर सरकारी डॉक्टरों के प्राइवेट नर्सिंग होम है जो मेडिकल कालेज में मरीजो न देख कर अपने निजी प्राइवेट नर्सिंग होमों में इलाज कराने को मजबूर कर देते है और इनके दलाल मेडिकल कालेज में मंडराते रहते है जो गरीब जनता को बहला फुसलाकर इन प्राइवेट नर्सिंग होमों में लुटने के लिए झोंक देते है ।जिसके बदले इनको मोटा पैसा प्राइवेट नर्सिंग होमो से मिलता है ।
सैकड़ों की संख्या में प्राईवेट निजी नर्सिंग होम 
मेडिकल कॉलेज झांसी के सामने बने प्राइवेट नर्सिंग होम और अस्पताल ना तो नगर निगम एक्ट में रजिस्टर्ड है, और ना ही इनमें काम करने वाले कर्मचारियों को किसी भी तरह का कोई प्रशिक्षण प्राप्त है। अवैध रूप से बने यह नर्सिंग होम अस्पताल के ऊपर झांसी विकास प्राधिकरण सिर्फ नोटिस देकर कागजों में कार्रवाई करता रहा है। मेडिकल कॉलेज झाँसी के सामने बने नर्सिंग होम और अस्पतालों की संख्या 10 ,20,30,50, नही वल्कि सैकड़ों में इनकी गिनती करना भी मुश्किल है ।
मंडी की तरह बने नर्सिंग होम (ड्रोन से ली गई फोटो )
क्या है मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की गाइड लाइन
मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया की गाइड लाइन है कि मेडिकल कॉलेज के आसपास 800 मीटर दूरी तक कोई भी प्राइवेट नर्सिंग होम या हॉस्पिटल नहीं होना चाहिए। लेकिन यूपी के झांसी में इस नियम का कोई मतलब नहीं है। पिछले 3 सालों में जिले में लगभग 142 प्राइवेट हॉस्पिटल खोले गए। इनमें अधिकतर मेडिकल कॉलेज के आसपास हैं।
महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज गेट नं० 3
झांसी जिले में इस समय लगभग 250 से ऊपर हॉस्पिटल हैं। इनमें से लगभग 142 नए हैं, जबकि तीन साल पहले तक सिर्फ 108 निजी हॉस्पिटल थे।ये तब है जब मेडिकल कॉलेज के आसपास निजी हॉस्पिटल खोले जाने पर सख्त मनाही है। एमसीआई (मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया) के मुताबिक, मेड‍िकल कॉलेज से 200 मीटर के दायरे में कोई प्राइवेट हॉस्पिटल नहीं होना चाहिए।
इसके बाद भी झांसी में महारानी लक्ष्मी बाई मेडिकल कॉलेज प्राइवेट हॉस्पिटल्स से घिरा हुआ है। मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया, दिल्ली की टीम कई बार प्राइवेट हॉस्पिटल्स पर आपत्ति दर्ज करा चुकी है।

गौर करने वाली बात ये है कि MCI की गाइड लाइन के बारे में स्वास्थ्य विभाग को कोई जानकारी ही नहीं है।और ये प्राइवेट हॉस्पिटल्स संचालित करने वाले मालिक खुलेआम प्रदेश सरकार और जिला प्रशासन को चुनौती दे रहे है।

मेडिकल कॉलेज गेट के सामने बने प्राइवेट हॉस्पिटल्स

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