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डी एम साहब : अग्रज इंटर कॉलेज के अवैध कब्जे के मामले में तहसील स्तरीय प्रशासनिक अधिकारी खेल रहे है वॉलीवॉल मैच

 धीरेन्द्र रायकवार टाइम समाचार ब्यूरो रिपोर्ट झाँसी

मोठ/झाँसी – जैसा की आप सभी को मालूम है कि नगर मोंठ में स्थित अग्रज सरस्वती शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज ने सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर रखा है। जिसकी खबर टाइम समाचार न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर ने इसे प्रमुखता से प्रकाशित किया था। खबर संबंधित अधिकारियों से पूर्ण स्पष्टीकरण करके अवैध कब्जे की खबर प्रकाशित की थी। जिसमें मोठ तहसील के प्रशासनिक अधिकारियों से भी बातचीत की गई थी। जिन्होंने अपने बयान में साफ जाहिर किया था कि हां संबंधित विद्यालय ने अवैध कब्जा कर रखा है। जिसकी टाइम समाचार न्यूज़ चैनल के रिपोर्टर ने इस पूरे मामले को गंभीरता से लिया और उसकी पूर्णता जानकारी करके मामले की तह तक पहुंचे और अवैध कब्जा किए हुए विद्यालय एवं भूमाफियाओं को नंगा कर दिया था। जिसकी जानकारी तहसील स्तरीय सभी जिम्मेदार अधिकारियों को है। संबंधित अधिकारी आंख बंद करके यह तमाशा देख रहे हैं। जहाँ अवैध कब्जा है वह जमीन नगर पंचायत क्षेत्र के अंतर्गत आती है। नगर पंचायत अधिसाषी अधिकारी, तहसीलदार श्रीराम यादव, एस डी एम सुनील कुमार शुक्ला को है। अवैध कब्जे के संबंध में संबंधित अधिकारियों से कई बार बातचीत की लगभग 15 दिनों से लगातार अवैध कब्जे की चर्चाओं का बाजार गर्म है। लेकिन आपको बता दें की तहसील क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारी इस अवैध कब्जे की ओर ध्यान नहीं दे रहे हैं। अपनी जिम्मेदारियों से साफ बचने की कोशिश कर रहे हैं। दिन प्रतिदिन अवैध कब्जे के मामले को वॉलीबॉल के मैच की तरह खेल रहे हैं। एक दूसरे के पाले में मामले को फेकने में जुटे है। जब जब अवैध कब्जे के संबंध में जिम्मेदार अधिकारियों से जानकारी की जाती है, तो वह वॉलीबॉल की तरह विभागों की पाली में बॉल को फेंकने की कोशिश कर रहे हैं। टाइम समाचार न्यूज़ चैनल द्वारा संबंधित अवैध कब्जे के इतने तथ्य उजागर होने के बावजूद भी तहसील स्तरीय प्रशासनिक अमला आखिर क्यों मौन है। जिससे नगर में चर्चा का विषय बना हुआ है कि संबंधित इंटर कॉलेज के प्रबंधक द्वारा कहीं न कहीं साम दाम का प्रयोग हो गया है। जिसकी वजह से पूरा प्रशासनिक अमला चुप्पी साधे हुए हैं। लेकिन इसमें एक बड़ा सवाल यह पैदा होता है कि प्रदेश की सरकार भूमाफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कर रही है। यहां अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों को वॉलीबॉल की तरह एक दूसरे के पाले में फेंकने में जुटे हुए हैं। लेकिन ऐसे में एक बड़ा सवाल यह पैदा होता है। कि आखिर यह अवैध कब्जे पर ध्यान देगा तो देगा कौन, क्या यह मुख्यमंत्री के आदेशों की धज्जियां उड़ाने वाला काम किया जा रहा है। जी हां कुछ ऐसा ही हुआ है। जब इस मामले में ज्यादा छानबीन की गई तो मोंठ एस डी एम बोले कि नगर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले अग्रज सरस्वती शिक्षा मंदिर इंटर कॉलेज द्वारा अवैध कब्जे की खबर जो चला रहे हैं। उसमें मैं कुछ नहीं कर सकता, क्योंकि वह जमीन सरकार ने सहकारी संघ के नाम दी गई है। उस पर अवैध कब्जा है तो सहकारी संघ वाले आकर मुझसे शिकायत करें तो मैं कार्रवाई करूंगा। इसका मतलब तो यह हुआ कि नगर में कहीं भी जो संबंधित इकाइयों के नाम जमीन है। उन पर अवैध कब्जा होते रहे लेकिन हमारे उप जिलाधिकारी महोदय को इससे कोई मतलब नहीं क्योंकि हमारे पास तो शिकायत ही नहीं है। गवर्नमेंट ने तो वह जमीन संबंधी इकाइयों को दे रखी है। तो इसकी जिम्मेदारी भी इकाइयों की है। कुछ ऐसे ही बोल थे हमारे उप जिलाधिकारी महोदय के, तो इसका मतलब तो साफ हो गया कि सरकारी खाली पड़ी इकाइयों के नाम जमीन पर अगर कोई अवैध कब्जा कर रहा है, तो वह आराम से कर सकता है। क्योंकि इकाइयों के संवंधित तो कुंभकरण की नींद में सोये हुये है। उपजिलाधिकारी महोदय के पास शिकायत करने वाला कोई नही है। तो कार्रवाई होने का तो सवाल ही पैदा नहीं होता, लेकिन वही एक बात लोगों की समझ में अब तक नहीं आ पाई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री द्वारा आईजीआरएस पोर्टल एंटी भू माफिया वगैरा-वगैरा अवैध कब्जे हटाए जाने की बात की जा रही है। आखिर वह कौन से अवैध कब्जा हटाने की बात कर रहे हैं। अगर विद्यालय द्वारा किया गया अवैध कब्जा उनकी नजर में अवैध नहीं है। तो फिर वह कौन से अवैध कब्जे की बात कर रहे हैं। यहां तो ऐसा कुछ भी होता नहीं दिखाई दे रहा है। अब तक टाइम समाचार न्यूज़ चैनल द्वारा अवैध कब्जे की सच्चाई के तथ्य उजागर करने के बाद भी प्रशासनिक अमला मौन है। क्या अब भी अवैध कब्जे में कोई शक है। कुछ ऐसे ही नगर की जनता का कहना है, अब तो सिर्फ नगर की जनता यह जानना चाहती है कि आखिर अवैध कब्जे पर कार्यवाही करेगा तो करेगा कौन, अब देखना यह होगा कि उत्तर प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री द्वारा एंटी भू माफिया जैसे कई दल चलाए जा रहे हैं जिससे भू माफियाओं के खिलाफ कड़ी से कड़ी एवं सख्त कार्रवाई की जा सके। लेकिन आपको बता दें कि मुख्यमंत्री द्वारा किए जाने वाले वादे और दावे कुछ अधिकारियों के टालमटोल एवं ढुलमुल रवैये के कारण भू माफियाओं के हौसले दिनोंदिन बुलंद होते जा रहे है।

 

 

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